Monday, August 10, 2009

शुरुआत - हथेलियों का मरुस्थल ( १९८१) ( संग्रह )
कहानी संग्रह
जंगल बबूल का ( १९८३), बौ सुरीली, नीलिकंथ चुप हैं,
गंगा और डेल्टा, अभिमन्यु की तलाश, किले, गमन, घोड़ा बाज़ार, वंशबेल, गाथा, पड़ाव, पोस्टर से झांकते चेहरे,
उपन्यास
साकेत के उकेलीपतुस
सीमेंट नगर
लौटेगा अभिमन्यु
नीड़का का तिमिर
मुख्तिबोध
नम्बरदार हुए नाखुदा ( under publication

No comments:

Post a Comment